जयपुर: जयपुर के उत्तरी रिंग रोड परियोजना के संबंध में एनएचएआई (NHAI) के परियोजना निदेशक अजय आर्य ने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा है, जिसमें भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. इस परियोजना के तहत उत्तरी रिंग रोड की लंबाई 110 किलोमीटर तय की गई है, जिसके लिए कुल 6600 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है. इसमें भूमि अधिग्रहण पर 3240 करोड़ रुपये और सिविल कार्यों पर 3360 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
एलाइनमेंट संख्या-1 में आने वाले गांव
हसांपुरा_बस_भांकरोत
मुकंदपुरा
महाराजपुरा
गोविंदपुरा / जयचंदपुरा
जयभवानीपुरा
नटलालपुरा
मुंडिया रामसर
मुंडिया पुरोहितन
चक रामसर
नंदगांव बरसाना
श्रीरामपुरा / तेवरीवा
कंवर का बास
कपरियावास
रामला का बास
कलवार
मांडा भोपावास
मुंडोता
महेशवास खुर्द
महेशवास कलां
चक रोजदा
चक जैतपुरा
यादव खेड़ा
दादर बावड़ी
सुदर्शनपुरा
जयरामपुरा
बस बाउरी
देवगुढ़ा
मुकंदपुरा
मोरी
कंवरपुरा
अटलबिहारीपुरा
जहोता
चिमनपुरा
जैतपुरा
चोमू (पु.)
जैतपुरा (P-ROJDA)
चोमू (बी)
अनतपुरा
मोरिजा
धानी गोगोरिया
चीथवारी
इसरावाला
बिलोची
कालीघाटी
जैतपुरा खींची (जेतपुर खिंची)
सांगावाला
अन्रोल
सियारी
गूजरों का बास
पालीतों की ढाणी
जिंदो की ढाणी
घटा जलधारी
नांगल तुलसीदास
बिसोरी (बिशोरी)
भट्टावाला
पाली
कोल्याणा
खेमावास / चुगलपुरा
नरपत्यवास
नयाबास
लाली
निमरिया (निमड़िया)
धोपुरा (धवपुरा)
मूंडला
रूपवास (रूपवास)
राहोरी
नोंदपुरा
हरकिशनपुरा
मीनो का बारह
सेवापुरा
एलाइनमेंट नंबर-2 में आने वाले गांव
हरचंदपुरा
हरध्यानपुरा
दहमी खुर्द
संजारिया
रामसिंह पुरा
बेगास
बसेरी
पचार
लालपुरा
चारणवास
मांडा भोपावास
शेरावतपुरा
मुंडोता
नांगल लाडी
यादव खेड़ा
महेशवास कलां
चक रोजदा
चक जैतपुरा
नारदपुरा
दादर बावड़ी
जयरामपुरा
देवगुढ़ा
मुकंदपुरा
कंवरपुरा
जहोता
चिमनपुरा_67_जहोता के पास
जैतपुरा
अनतपुरा
मोरिजा
चीथवारी
चौंप
पोखरावाला / आनंदपुरा
भीवपुरा
सींगवाना
छपरारी
जैतपुरा खींची
अचोल
अणि
डींगपुरा
छापर
भानपुर कला
नांगल तुलसीदास
बिसोरी (बिशोरी )
भटट्टावाला
पाली
कोल्याणा
खेमावास / चुगलपुरा
रामपुरा / बदियावाला
इन्द्रगढ़
मालावाला
हीरावाला
निमरिया (निमड़िया)
मूंडला
पलेरा
रूपवास (रूपवास)
डांगरवाड़ा खुर्द
ड्योढ़ा चोर
रामरतनपुरा
विजय मुकुंदपुरा / हीरावाला
एलाइनमेंट नंबर-3 में आने वाले गांव
महलान
नासनोता
झरना
देवाला
बोराज
सूरपुरा
चन्द्र भानपुरा
बोबास
बुधजी का बास
बामनियावास
चांदपुरा
चक बुधजी का बास
गणेशपुरा
गोकुलपुरा
खेरी अलूफा
बासिनागा
तिबरिया
मांडा भोपावास
सुन्दरियावास
शेरावतपुरा
बुगालिया
चन्द्रपुरा जाटान
नांगल लाडी
राधाकिशनपुरा /पोखरसा का बास
सिरसी
यादव खेड़ा
श्रीपुरा
सुदर्शनपुरा
बस बावड़ी
देवगुढ़ा (देव गुढा)
मोरी (मोदी)
अटल बिहारीपुरा
जहोता
चिमनपुर
भटटों की गली
अकेदा चौड
रामपुरा
डाबरी
बूडथल
अनतपुरा
रिसानी
चीथवारी
चौंप
इसरावाला
फोखरावाला / आनंदपुरा
बिलोंची
कालीघाटी
जैतपुरा खींची (जेतपुर खिंची)
सांगावाला
अन्रोल
अणि
डींगपुरा
लबाना
भानपुर कलाँ
पाली
धंद
नांगल तुर्कान
कांकरेल
रामपुरा / चावा की नांगल
चक चिनपुरावास दाखिल ख़ारिज साईवार
साईवार
कुशालपुरा
इन्द्रगढ़
हीरावाला
पलेडा
डांगरवाड़ा खुर्द
ड्योढ़ा चोर
रामरतनपुरा
हरचंदपुरा / बाल्यावाला
उत्तरी रिंग रोड की परियोजना के लिए उपहाम इंटरनेशनल कॉरपोरेशन को डीपीआर (Detailed Project Report) के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. उपहाम इंटरनेशनल ने इस परियोजना के लिए तीन एलाइनमेंट प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क मार्ग से जुड़े गांवों को कम से कम प्रभावित किया जाए और परियोजना की सफलता सुनिश्चित हो सके. तीन एलाइनमेंट में अलग-अलग गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है. पहले एलाइनमेंट में जयपुर और दूदू के 69 गांव शामिल हैं, जबकि दूसरे में 58 गांव हैं और तीसरे एलाइनमेंट में 68 गांवों की भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव हैं. इन प्रस्तावों को मंजूरी के लिए एनएचएआई के मुख्यालय भेजा गया है. साथ ही, जिला कलेक्टर को भी इस बारे में पत्र लिखकर अवगत कराया गया है. जिला कलेक्टर को पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि इन तीनों एलाइनमेंट क्षेत्रों में आने वाले गांवों में भूमि रूपांतरण की प्रक्रिया एनएचएआई की अनुमति के बिना न की जाए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी प्रक्रियाएं कानूनी रूप से सही तरीके से पूरी हों और परियोजना में कोई बाधा न आए.
शहर के विकास को मिलेगी गति:
जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और एनएचएआई के बीच समन्वय में भी सुधार देखने को मिला है. एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप अत्री के आने के बाद काम में गति आई है. पहले यह परियोजना कुछ कारणों से धीमी गति से चल रही थी, लेकिन अब हालात में तेजी आई है और परियोजना के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. उत्तरी रिंग रोड की परियोजना के तहत, जब एनएचएआई मुख्यालय से मंजूरी मिल जाएगी, तब भूमि अधिग्रहण का कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा. एनएचएआई द्वारा प्रायोजित यह परियोजना न केवल जयपुर के यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि इसके साथ ही शहर के विकास को भी गति मिलेगी.
यातायात की समस्याओं का समाधान होगा:
वर्तमान में, भूमि अधिग्रहण के लिए सलाहकार फर्म द्वारा तैयार किए गए तीनों एलाइनमेंट प्रस्ताव मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजे गए हैं. एक बार मंजूरी मिलने के बाद, भूमि अधिग्रहण और सिविल वर्क के कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. इस परियोजना के पूरा होने से जयपुर में यातायात की समस्याओं का समाधान होगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा. एनएचएआई के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाना है, बल्कि यह जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित होगा. सड़क नेटवर्क में सुधार के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी की संभावना है. इस परियोजना की सफलता से राज्य सरकार और एनएचएआई की कार्ययोजना को भी बल मिलेगा, जिससे समग्र विकास में योगदान मिलेगा.