जयपुरः प्रदेश में ई व्हीकल की ख़रीद को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फ़ैसला किया है. राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 200 करोड़ रू की सब्सिडी देगी. प्रदेश मे बीते एक साल में इलेक्ट्रिक वाहनो की बिक्री का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है. टू व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहन लोगो की पहली पसंद बने हुए है. प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढावा देने हेतु इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अन्तर्गत 200 करोड़ रू का ई-व्हीकल प्रमोशन फंड गठित किया गया है.
आखिरी सप्ताह से शुरू कर सकता है सब्सिडी देने की प्रकियाः
राज्य सरकार की ‘‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022‘‘ के अन्तर्गत फेम-2 के दिशा निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी युक्त इलैक्ट्रिक वाहनों के क्रेताओं को स्टेट जीएसटी राशि का पुनर्भरण एवं एकमुश्त अनुदान ई-व्हीकल प्रमोशन फंड में से दिये जाने का प्रावधान किया गया है. पुनर्भरण एवं एकमुश्त अनुदान राशि 01.09.2022 से क्रय किए गए एवं राज्य में पंजीकृत किये गये वाहनो पर देय होगा. परिवहन विभाग ऐसे वाहनों का डाटा तैयार कर रहा है. परिवहन विभाग इसी महीने के आखिरी सप्ताह से सब्सिडी देने की प्रकिया शुरू कर सकता है. इसके लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. पिछली सरकार के समय भी सरकार ने ई व्हीकल पॉलिसी बनाई थी लेकिन वित्त विभाग में फ़ाइल अटक जाने के कारण लोगों को सब्सिडी नहीं मिल पाई थी.
कैसे मिलेगी सब्सिडी
पॉलिसी के अन्तर्गत फेम-2 में पंजीकृत वाहन विनिर्माता को विभागीय पोर्टल पर रजिस्ट्रशन करवाना आवश्यक है.
रजिस्ट्रेशन के बाद विभाग द्वारा सत्यापन किये जाने के पश्चात् निर्माता द्वारा पुनः पोर्टल पर फेम-2 के दिशा निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी (Advanced Batteries like Lithum-ions) युक्त वाहन का मॉडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता की सूचना दर्ज की जानी है.
विभाग द्वारा वाहन का माडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता इत्यादि का सत्यापन किया जाकर वाहन क्रेताओं को पुनर्भरण एवं अनुदान राशि के क्लेम हेतु आवेदन के लिए वाहन पोर्टल पर अनुमत किया जाएगा
वाहन स्वामी द्वारा अपने वाहन के पंजीयन क्रंमाक एवं चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक पोर्टल पर दर्ज होंगे
फिर आवेदक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ओटीपी भेजा जाएगा
वाहन स्वामी अपने बैंक खाते का विवरण को बैंक के दस्तावेज़ जैसे पासबुक फ्रंट पेज/रद्द किए गए चेक के साथ अपलोड करेगा, फिर आवेदन सबमिट करेगा
अनुदान राशि का सीधे ही वाहन स्वामी के खाते में हस्तांतरण कर दिया जायेगा