रामजल सेतु प्रोजेक्ट पहुंचाएगा BJP को लाभ ! भाजपा संगठन कर रहा ठोस रणनीति पर काम

जयपुरः संशोधित ercp पीकेसी रामजल सेतु प्रोजेक्ट से राजस्थान के 17 जिलों को पेयजल, सिंचाई व उद्योग के लिए 3310 एमसीएम पानी मिलेगा. सिंचाई और पेयजल समस्या के निवारण से बीजेपी अपनी सियासी महत्वकांक्षा भी साध सकती है. क्योंकि प्रोजेक्ट के जरिए 9लोकसभा क्षेत्र और करीब 90 विधानसभा क्षेत्र से सियासी तौर पर सधेंगे. ठोस रणनीति के बलबूते पंचायतीराज ओर निकाय चुनावों में बीजेपी लाभ ले सकती है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इसे भुनाने की योजना पर काम कर रही.

सिंचाई और पेयजल राजस्थान के कई जिले इससे महरूम है या वहां नाम मात्र के लिए पानी आता है. गांव और छोटे कस्बों की बात छोड़ दे तो पूर्वी राजस्थान के प्रमुख जिला केंद्रों तक पर गर्मी के दिनों में दो तीन दिनों में एक बार पेयजल की सप्लाई होती है ,सिंचाई के पानी के अभाव में खेत तरस जाते है. ERCP PKC जिसे रामजल भी कहा जा रहा इससे पेयजल और सिंचाई की बड़ी समस्या दूर होगी और योजना वहां के निवासियों के लिए वरदान बन सकती है. बीजेपी इसके जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा भी साध सकती है. PKC और ERCO बहुल करीब 17 जिलों में आने वाले 10लोकसभा और करीब 90 विधानसभा क्षेत्रों को साधा जाएगा. 

ERCP PKC रामजल से सधेंगे 17 जिलों की 90विधानसभा सीटें
साधे जाएंगे करीब 19लोकसभा क्षेत्र
जयपुर,जयपुर ग्रामीण,अलवर, सीकर, दौसा, करौली-धौलपुर, भरतपुर ,झालावाड़ ,कोटा बूंदी,बारां झालावाड़
राजस्थान का ये इलाका पूर्वी भाग,ढूंढाड,मत्स्य,मेवात और हाड़ौती कहलाता है 
निकाय और पंचायती राज चुनाव में बीजेपी लाभ ले सकती है
बशर्ते ठोस रणनीति के साथ मैदान में उतरे 
इसके लिए बीजेपी के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को टास्क सौंपे जाएंगे 

प्रचार और प्रसार में भारतीय जनता पार्टी का कोई सानी नहीं है. लिहाजा भुनाया जायेगा ERCP PKC को. बीजेपी संगठन इस दिशा में कार्य करने के लिए नवीन रणनीति बना रहा. सूबे के मुखिया भजन लाल शर्मा राम जल बहुल इलाकों का दौरा कर सकते है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे हो सकते है. पहले बीजेपी ने ERCP की कहानी को सामने रखा था. हालांकि लोकसभा चुनाव में बीजेपी चुनावी लाभ नहीं ले पाई. मगर योजना जैसे धरती पर साकार रूप लेती हुई नजर आएगी वैसे वैसे बीजेपी यहां चुनावी लाभ लेने की कोशिश को मूर्त रूप दे सकती. टास्क आसान नहीं है. हाड़ौती में भले भी बीजेपी मजबूत है लेकिन पूर्वी राजस्थान में खुद को मजबूत बनाना होगा. जातीय राजनीति बहुल इलाकों में विकास का मसला मजबूती से उठाना वैसे भी आसान नहीं रहता. बीजेपी प्रदेश संगठन प्रचार और प्रसार की ठोस रणनीति पर काम कर रहा.