जयपुर : सर्दियों में प्रवासी ग्रेटर फ्लेमिंगोज़ की मेहमान नवाजी करने वाला सांभर अब बड़ी संख्या में इन फ्लेमिंगोज़ का स्थाई बसेरा बन गया है. यहां फ्लेमिंगोज़ का पिछले दिनों कोर्टशिप डिस्प्ले चल रहा था अब इन्होंने यहां नेस्टिंग कर एंड देना शुरू कर दिया है. सनराइज और सनसेट के टाइम बर्ड वाचिंग करना सांभर में आने वाले पर्यटकों का सबसे बड़ा आकर्षण है. पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के बाद सांभर ने नया मुकाम हासिल किया है.
सांभर झील एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला पर्यटन आकर्षण बनकर उभरी है. विशेषकर प्रवासी पक्षियों के आगमन और सांभर के खारेपन और मिठास के अनोखे फ्यूजन ने पर्यटकों को अपनी ओर खींचा है. यहां हर साल सर्दियों के मौसम में लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख ग्रेटर फ्लेमिंगो होते हैं. इस साल करीब 4 लाख फ्लेमिंगो सांभर पहुंचे थे, जिनमें से लगभग 3 लाख वापस लौट चुके हैं, जबकि करीब 1 लाख ने यहां रहने का निर्णय लिया है. यह फ्लेमिंगो ब्रीडिंग के लिए नेस्टिंग कर रहे हैं, जो पर्यटकों के लिए एक आकर्षक दृश्य पेश करता है.सांभर झील में पिछले मानसून की बारिश का पानी अभी भी मौजूद है, जिससे यहां की पारिस्थितिकी और वातावरण में बदलाव आया है. इस स्थिति में ग्रेटर फ्लेमिंगो की संख्या में वृद्धि हुई है, जो अब झील में और आसपास के क्षेत्रों में प्रजनन कर रहे हैं. खासतौर से झपोक से लेकर शाकंभरी माता तक के क्षेत्र में नेस्टिंग के दृश्य देखे जा सकते हैं. यह जगह न केवल पक्षी प्रेमियों के लिए, बल्कि सामान्य पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल बन गई है. फ्लेमिंगो के कोर्टशिप डिस्प्ले और ब्रीडिंग के दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं, खासकर सनराइज और सनसेट के दौरान जब यह पक्षी अपनी प्राकृतिक सुंदरता का प्रदर्शन करते हैं.
सांभर झील के आसपास के क्षेत्र में बढ़ते पर्यटक आगमन के कारण यहां के पर्यटन उद्योग में भी काफी बदलाव आया है. वीकेंड पर यहां पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है, जो बर्ड वॉचिंग, साल्ट ट्रेन, हेरिटेज बग्घी, साइकिलिंग, एटीवी राइड, सॉल्ट मेकिंग, और सिटी टूर जैसी गतिविधियों का आनंद लेते हैं. सांभर अब केवल अपनी नमक उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में भी प्रसिद्ध हो रहा है. सांभर के पर्यटन क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है, जिसके तहत यहां पर्यटकों के लिए नई सुविधाओं का विस्तार किया गया है. सांभर हेरीटेज रिजॉर्ट के महाप्रबंधक विनोद मीणा का कहना है कि सांभर की फिजा तेजी से बदल रही है. लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति, हेरिटेज, एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन की त्रिवेणी इस क्षेत्र को और भी आकर्षक बना रही है. पक्षी विशेषज्ञ गौरव शर्मा ने भी इसे एक नई दिशा में बढ़ते पर्यटन के रूप में देखा है. वे कहते हैं कि सांभर में इस बार पहली बार इतनी बड़ी संख्या में फ्लेमिंगो रहे हैं और इनकी उपस्थिति एक नई उम्मीद जगा रही है.
सांभर झील का यह बढ़ता हुआ पर्यटन प्रभाव न केवल पक्षी प्रेमियों के लिए, बल्कि आम पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है. हर साल सांभर फेस्टिवल का आयोजन यहां किया जाता है, जो पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित एक प्रमुख कार्यक्रम है. इस साल के 5 दिन के सांभर फेस्टिवल में लाखों पर्यटक पहुंचे थे, और इसका भविष्य में और भी बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है. सांभर का यह परिवर्तन एक नई दिशा में विकास की ओर संकेत करता है, जहां सांस्कृतिक, धार्मिक और एडवेंचर पर्यटन के मिश्रण से यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रस्तुत करता है.