जयपुरः प्रदेश में टाइगर टूरिज्म अपने परिवार पर है और रणथंभौर के साथ ही अब सरिस्का भी टाइगर टूरिज्म के लिए पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है. रणथंभौर में जहां वर्ष 2024 में 6 लाख 30000 से अधिक पर्यटक पहुंचे वहीं सरिस्का में यह संख्या लगभग 83 हजार रही. केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा लगातार सरिस्का को लेकर संजीदगी दिखा रहे हैं. ऐसे में माना जा सकता है कि सरिस्का में जल्द ही गांव विस्थापन से लेकर हैबिटेट इंप्रूवमेंट के बेहतर कार्य होंगे.
पर्यटकों की संख्या में वृद्धिः
राजस्थान के प्रमुख टाइगर रिजर्व, सरिस्का और रणथंभौर, में वर्ष 2024 के दौरान पर्यटकों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है. सरिस्का टाइगर सफारी के लिए इस वर्ष कुल 82,989 पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 74,926 भारतीय, 3,617 विदेशी और 4,466 विद्यार्थी थे. इस बढ़ते पर्यटक आगमन से सरिस्का को 2.66 करोड़ रुपये की आय हुई. इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार से स्टेट टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन को 93 लाख 47,462 रुपये की राशि प्राप्त हुई, जो टाइगर संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाएगी.
सरिस्का टाइगर रिजर्व के पर्यटक आगमन में वृद्धिः
सरिस्का टाइगर रिजर्व के पर्यटक आगमन में वृद्धि का मुख्य कारण इसके आकर्षक और अनूठे टाइगर सफारी अनुभव हैं, जिनका प्रबंधन राज्य वन विभाग द्वारा किया जा रहा है. इस विषय पर सरिस्का के वन विभाग के अधिकारी संग्राम सिंह कटियार ने कहा कि वे टाइगर टूरिज्म और उसके प्रबंधन को लेकर काफी संजीदा हैं और इसे और प्रभावी बनाने के लिए काम कर रहे हैं.
रणथंभौर में पर्यटकों से 62.72 करोड़ रुपये का राजस्वः
वहीं, रणथंभौर में भी टाइगर टूरिज्म जोर पकड़ रहा है. 2024 में रणथंभौर में कुल 6 लाख 30 हजार 820 पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4 लाख 61 हजार 326 घरेलू और 1 लाख 69 हजार 271 विदेशी पर्यटक थे. इसके अलावा, 193 विद्यार्थियों ने भी रणथंभौर में टाइगर सफारी का अनुभव लिया. रणथंभौर में पर्यटकों से 62.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन गया है.
पर्यटकों की बढ़ती संख्या:
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ वन विभाग ने टाइगर टूरिज्म के बेहतर प्रबंधन के लिए काफी काम किया है. FD अनूप केआर के नेतृत्व में DCF (टूरिज्म) प्रमोद धाकड़ और उनकी टीम ने बेहतर पर्यटन प्रबंधन और पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं.
सरिस्का और रणथंभौर दोनों ही रिजर्वों में बढ़ते पर्यटक आगमन और टाइगर टूरिज्म के विकास से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान में टाइगर संरक्षण के साथ-साथ टूरिज्म क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है. इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हो रहा है.