धौलपुरः धौलपुर में 2 परिवहन निरीक्षकों की अवैध हिरासत का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. परिवहन विभाग में इस विवाद के कारण सभी अधिकारी और कर्मचारी आज हड़ताल में शामिल हुए इस कारण विभाग का काम पूरी तरह से ठप रहा. परिवहन विभाग उन विभागों में शामिल हैं जो जनता से सीधे जुड़े हैं. बड़ी संख्या में लोगों को परिवहन से जुड़ा काम होता है लेकिन बीते 4 दिन से विभाग में कोई काम नहीं हो रहा और इस कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है.
धौलपुर में 2 परिवहन निरीक्षकों की अवैध हिरासत का विवाद अब और गहरा गया है. इस घटना से नाराज परिवहन विभाग में आज काम पूरी तरह से ठप रहा. परिवहन निरीक्षकों की हड़ताल तो पहले से ही जारी है आज डीटीओ, ARTO और , RTO भी इस हड़ताल में शामिल हो गए. मंत्रायलिक कार्मिकों ने भी आज कार्य बहिष्कार किया इस कारण परिवहन विभाग के कार्यालयों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा. हड़ताल कर रहे परिवहन निरीक्षकों ने आज शहीद स्मारक पर धरना दिया. धरने में प्रदेश के अलग अलग इलाको से परिवहन निरीक्षक शामिल हुए. परिवहन निरीक्षकों ने एक स्वर में यह कहा कि जब तक उनकी माँग नहीं पूरी होगी तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी.
राजस्व लक्ष्य संग्रहण में काफ़ी पीछे:
4 दिन से जारी परिवहन निरीक्षकों की हड़ताल परिवहन विभाग के किए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है. 8 हज़ार करोड़ के राजस्व लक्ष्य के लिए काम कर रहे विभाग के लिए यह हड़ताल कोढ़ में खाज जैसी हो गई है क्योंकि पहले ही विभाग राजस्व लक्ष्य संग्रहण में काफ़ी पीछे चल रहा है अब इस हड़ताल के कारण सिर्फ़ 4 दिन में ही विभाग को क़रीब 80 करोड़ का नुक़सान हो चुका है. विभाग के लिए परिवहन निरीक्षक बहुत महत्वपूर्ण कड़ी है लेकिन अब इनकी हड़ताल के कारण विभाग का पूरा सिस्टम चरमरा गया है. डिप्टी CM डॉ प्रेमचंद बैरवा इस हड़ताल को खत्म कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनके प्रयास प्रभावी नहीं दिखे हैं. क्योंकि जिस माँग को लेकर परिवहन निरीक्षक आंदोलन कर रहे हैं उसे ले कर डिप्टी CM अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये हैं. उधर परिवहन विभाग में चल रहे इस आंदोलन को आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी समर्थन दिया है. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अगर परिवहन निरीक्षकों की मांगें नहीं मानी गईं तो वह भी हड़ताल पर जा सकते हैं.