जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज जिलों व संभाग को निरस्त करने पर चर्चा नहीं होने के कारण जमकर हंगामा हुआ. इस दौराम दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और दो बार ही विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी व्यवस्था बदली. अब गुरुवार को इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होगी.
जिले और संभाग खत्म करने के मुद्दे को विधानसभा में उठाने की अनुमति देकर वापस लेने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने आज सदन में जमकर हंगामा किया. दरअसल शून्य काल में पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जिले और संभाग खत्म करने के मुद्दे को पर्ची के माध्यम से सुरेश मोदी को उठाने की अनुमति दे दी थी. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इसका विरोध किया. जोगाराम ने तर्क दिया कि जिले संभाग खत्म करने का मुद्दा हाईकोर्ट में विचार दिन है, कोर्ट में विचार दिन किसी भी मुद्दे की विधानसभा में चर्चा नहीं कराए जाने की परंपरा रही है. ऐसे में आज इन पर चर्चा नहीं कराई जानी चाहिए. लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने कहा कि केवल दो ही जिलों का मामला कोर्ट में है बाकी जिलों का मामला कोर्ट में नहीं है.उन दो का हम यहां पर जिक्र नहीं करेंगे बाकी जिलों पर चर्चा करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
पक्ष विपक्ष में विवाद होता देख विधानसभा अध्यक्ष ने पर्ची पर बोलने की अपनी अनुमति वापिस लें ली. देवनानी ने कहा कि शून्यकाल के बाद चेम्बर में चर्चा करने के बाद इस पर फैसला करेंगे. यह सुनकर विपक्ष के विधायको ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया जिसके बाद स्पीकर दे 15 मिनट के लिए कार्रवाई स्थगित कर दी.
विधानसभा की कार्यवाही जब फिर से शुरू हुई तो स्पीकर ने अपनी व्यवस्था बदल दी और कहा कि अब 7 फरवरी को इस मुद्दे पर आधे घंटे की विशेष चर्चा होगी लेकिन प्रतिपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा और कांग्रेस के विधायक वेल में नारेबाजी करते रहे. कुछ देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने फिर से सदन के कार्यवाही स्थगित कर दी इसके बाद कारवाई जब फिर से शुरू हुई तो अध्यक्ष ने व्यवस्था दी की गुरुवार को कांग्रेस के दो विधायकों सुरेश मोदी और रामकेश मीणा को स्थगन प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति देता जाएगी.
अध्यक्ष की इस व्यवस्था के बाद विपक्ष के विधायक शांत हुए और फिर सदन की कार्रवाई सुचारू हो सकी.