नई दिल्लीः देशभर के राज्यों के चुनावों में कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. हाल में दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में करारी हार मिली. यही कारण है कि अब सवाल उठ रहा है कि आगामी बिहार चुनाव कांग्रेस के लिए कितना आसान होगा. बिहार में कांग्रेस की राह कितनी आसान होगी.
दिल्ली में तो कांग्रेस का जमीनी नेटवर्क करीब-करीब गायब हो चुका है. राज्यों में पार्टी की अंदरूनी कलह भी कांग्रेस को कमजोर कर रही है. ऐसे में अब बिहार पर कांग्रेस ने पूरा फोकस किया है. दलित, OBC समुदाय तक अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है. यादवों के अलावा पिछड़े समुदाय पर नजर है. लेकिन बिहार में अंदरूनी कलह से निपटना भी पार्टी के लिए एक चुनौती है.