विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले- बीजेपी ने कभी किसी दलित को नहीं बनाया मुख्यमंत्री

जयपुरः राजस्थान विधानसभा में गतिरोध समाप्त हो गया. सदन में बोले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि गतिरोध के दौरान मेरे लिए ये कहा गया दलित को दबाया जा रहा है. जबकि सच ये है कि दलित के नाते केंद्र सरकार में अर्जुन राम मेघवाल मंत्री हैं. लेकिन बीजेपी ने कभी किसी दलित को मुख्यमंत्री नहीं बनाया. हमारी पार्टी के तो राष्ट्रीय अध्यक्ष दलित हैं. 

आपने दलित समुदाय के मंत्री को डिप्टी सीएम बनाया. लेकिन आपने उनके दूदू को जिले के रूप में खत्म कर दिया. एक गुर्जर को कैबिनेट मंत्री तो बना दो. मुख्यमंत्री से निवेदन है कि भरतपुर से कैबिनेट मंत्री बना दो. जूली ने कविता के माध्यम से डबल इंजन सरकार को लेकर सत्ता पक्ष पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में स्टेट GDP घटी है. हमारी सरकार में स्टेट GDP बढ़ी थी. इस साल 77 हजार करोड़ लक्ष्य से पीछे रह गए. 

पेंशन में बढ़ोतरी होनी चाहिएः
ERCP का आपने नाम बदला,पहले PKC और फिर राम जल सेतु किया. पहले राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हमें जवाब नहीं दिया. फिर MOU पोर्टल पर डाल दिया. दो जगह ERCP के लिए प्रावधान कर दिया. बजट में कह दिया राज्य की संपत्तियों को बेचकर पैसा इकठ्ठा करेंगे. आपकी ये स्थिति हो गई है. पेंशन में बढ़ोतरी होनी चाहिए. गरीब,विधवा,महिला और दिव्यांग के लिए 1300 रुपए तो करिए. 

MOU पर श्वेत-पत्र जारी किया जाना चाहिएः
MOU पर आपकी सरकार के 3 मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आए. MOU पर श्वेत-पत्र जारी किया जाना चाहिए. आपने राइजिंग राजस्थान में कितने MOU किए. श्वेत-पत्र से दूध का दूध,पानी का पानी हो जायेगा. MOU से कुछ लोगों को फायदा हो रहा है. यह मुख्यमंत्री को जांचना चाहिए. 

छात्रसंघ चुनाव की मांगः
भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज को आरक्षण मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री तो खुद ही वहीं के हैं. आपके होते हुए नहीं होगा तो कब होगा ? जगत सिंह ने भी मुद्दा उठाया था. केंद्रीय स्तर पर आपकी डबल इंजन की सरकार कब काम आएगी. नेता प्रतिपक्ष ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की. उन नेताओं के भी नाम गिनाए जो छात्रसंघ चुनाव से यहां तक पहुंचे है. 

निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव पारितः
वहीं सदन में 6 विधायकों का निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव पारित हुआ. मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग प्रस्ताव लेकर आए. और कांग्रेस के 6 विधायक बहाल हुए. गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, हाकम अली, जाकिर गैसावत और संजय जाटव का निलंबन का फैसला वापस लिया.