राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी,  प्रश्नकाल में रही जनहित के मुद्दों की गूंज, जानिए क्या सवाल और क्या जवाब रहे?

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी है. पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के लिए स्वीकृत राशि से जुड़े मामले पर  विधायक अनीता भदेल ने सवाल किया. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जवाब देते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत सरकार को भेज रखा है. पूरी संभावना है कि स्वीकृत होगा उसके बाद ही डीपीआर बनाने का काम होगा. जब केंद्र सरकार को भेजा जाता है तो पहले डीपीआर बनाई जाती है. इसकी स्वीकृति के बाद ही काम शुरू किया जा सकता है. केंद्र सरकार बजट स्वीकृत नहीं करती है,तो राज्य सरकार इसका प्रावधान करेगी. इसमें पर्यटन विभाग के अलावा अन्य विभागों का सहयोग भी लिया जाएगा.

राजस्थान में नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना को लेकर सवाल पर विधायक रोहित बोहरा ने सवाल किया.  विधायक ने कहा कि पिछले बजट घोषणा के अनुसार एक भी पैसा खर्च नहीं किया है. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जवाब देते हुए कहा कि 365 आंगनबाड़ी केंद्र अभी खोले हैं. विधायक ने सवाल करते हुए कहा कि पिछले बजट भाषण में आंगनबाड़ी खोलने का बजट था. उसमें से कितना बजट काम में लिया गया. उप मुख्यमंत्री ने कहा-'वित्त विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में राज्य सरकार ने 365 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित करना है. वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है. आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है. 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधा विकसित करने के लिए रिपोर्ट चाहिए.इसके लिए पत्रावली वित्त विभाग को भिजवायी जा चुकी है.

प्रदेश में प्लास्टिक थैलियां के उपयोग पर कार्रवाई को लेकर विधायक विक्रम सिंह जाखल ने सवाल किया. पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यावरण अधिनियम 1986 के तहत संपूर्ण राज्य में प्रतिबंध लगाया गया है. वर्ष 2010 से प्लास्टिक थैलियां के उपयोग और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया है. पिछले 5 सालों में प्लास्टिक के प्रतिबंध थैलियों पर जमकर कार्रवाई की गई. विधायक ने कहा-'जिन प्लास्टिक थैलियों पर छूट दी गई है उनके क्या मानक है. सभी दुकानों और ठेलों पर प्लास्टिक प्रतिबंधित थैली आसानी से मिल रही है. मंत्री ने कहा-'प्रतिबंधित पॉलीथिन थैलियों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा हुआ है. पेपर बैग्स आ रहे हैं,जन जागरण अभियान चलाकर जनता को अवेयर किया जा रहा है.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानपुर में बिजली वायरिंग कार्य को लेकर विधायक चेतन पटेल ने सवाल किया. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि जिन दो दुर्घटनाओं की बात की जा रही है. वह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय के है. मैं आश्वस्त करता हूं कि पहले तो 25 केवीए का लोड बढ़ाया जाएगा और 3 महीने में पूरी वायरिंग बदलकर उसे सुरक्षित कर दिया जाएगा. टीकाराम जूली ने कहा कि आपने जो घोषणा की है उसके लिए धन्यवाद है. लेकिन यह कहना कि आप सवा साल बाद जागे हैं यह गलत है.

राजस्थान में श्रमिकों के लिए योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल किया. टीकाराम जूली ने कहा कि क्या हमारी सरकार ने जो गिग वर्कर कानून बनाया था. उसके नियम कब तक लागू करने का सरकार विचार रखती है. मंत्री सुमित गोदारा ने जवाब देते हुए कहा कि इस कानून को बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय विचाराधीन है. 
वर्तमान सरकार ने 350 करोड़ रुपए की घोषणा की है. जो गिग वर्कर और अन्य वर्कर्स के लिए स्वीकृत है. मंत्री सुमित गोदारा का जवाब देते हुए कहा कि गिग कर्मी के लिए भी राज्य सरकार जल्दी कानून बनाने पर विचार रखें.

चंबल घड़ियाल अभयारण्य में गंदे पानी से जलीय जंतुओं पर दुष्प्रभाव को लेकर विधायक संदीप शर्मा का सदन में सवाल किया. इसका जवाब देते हुए मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह सही है कि चंबल में दूषित पानी गिरने की बात सामने आ रही है. चंबल नदी में गंदा पानी गिरने पर जलीय जंतु पर प्रभाव पड़ने की सूचना के बाद देहरादून की कमेटी से दिखाया जा रहा है. उधर चंबल नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के संबंध में अभयारण्य के क्षेत्र में गंदे पानी गिरने के कारण पत्र लिखा गया है. जिस घड़ियाल अभयारण्य को लेकर एक एक्सपर्ट कमेटी के गठन का प्रावधान किया गया है.

इसके गठन के प्रस्ताव आने के बाद परीक्षण करवा कर सरकार उसपर अग्रिम कार्रवाई करेगी. चंबल नदी में शहर से आने वाले गंदे पानी की शिकायत के पानी को लेकर पत्र लिखा गया है. नगर निगम को मैं निर्देशित करना चाहूंगा कि नगर निगम उस पर ठोस कदम उठाए और चंबल घड़ियाल परियोजना में आने वाले पानी में गंदा और दूषित पानी नहीं जाए. इसकी उचित कार्रवाई करवाई जाएगी. पूरे राजस्थान में जो धार्मिक स्थल है जो वन विभाग में आते हैं. उनको लेकर हम भी चाहते हैं कि वह खुले. भारत सरकार के नियम कायदों के तहत काम हो रहा है. लेकिन आने वाले समय में इस प्रकार की कोई समस्या नहीं रहे यह प्रयास रहेगा.

जांच में दोषी पाए जाने पर दुकान की जाती निलंबित:

किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में उचित मूल्य की दुकान से जुड़े मामले पर विधायक अमीन कागजी ने सवाल करते हु कहा कि मंत्री के जवाब में गड़बड़ी दिखती है सही करें. मंत्री सुमित गोदारा ने जवाब देते हुए कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर दुकान निलंबित की जाती है. 15 दुकानें निलंबित की गई है. उसके बाद निरस्त भी किया गया और वापस शुरू भी की गई. विधायक ने कहा कि निलंबित दुकानों को किस मापदंड पर फिर से शुरू किया गया. जबकि इनमें भारी कमियां थी. मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि किशनपोल में 98 दुकान हैं जो 27 दुकान अटैच है. 2020 से पूर्व 14 और 20 से 24 से 14 के बीच में 12 दुकान हैं जो अटैच है. कुल 505 आवंटन सलाहकार समिति बनाई गई, लेकिन केवल जयपुर में आवंटन सलाहकार समिति नहीं बनी. उस दौरान विधायक भी इसी क्षेत्र से विधायक रहे. लेकिन उन्होंने आवंटन समिति नहीं बनाई. जयपुर में भी जल्द समिति का गठन किया जाएगा. किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में भी रिक्त दुकानों को भरा जाएगा.

प्रदेश में कई जगह अधिवक्ताओं के बैठने का स्थान नहीं:

बांसवाड़ा में न्यायालय परिसर में अधिवक्ता चेंबर के निर्माण से जुड़े मामले पर विधायक कैलाश चंद्र मीणा ने सवाल किया. विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सही है कि बांसवाड़ा में एडवोकेट चैंबर नहीं है, लेकिन वर्तमान में अधिवक्ता गण के लिए 30 एडवोकेट चैंबर बनाने के लिए  संसाधन उपलब्ध होने के संबंध में वित्त विभाग को दिया गया था, लेकिन वित्तीय संसाधन की उपलब्धता नहीं होने के कारण इन एडवोकेट चैंबर का निर्माण नहीं हो सका. भविष्य में वित्तीय संसाधन की उपलब्धता होने पर बांसवाड़ा में एडवोकेट चैंबर की स्थापना के लिए राजस्थान सरकार विचार करेगी.मंत्री ने माना-'प्रदेश में कई जगह अधिवक्ताओं के बैठने का स्थान नहीं है.
ऐसे में सरकार वित्तीय संसाधनों की उपलब्ध के आधार पर कार्रवाई करेगी.

जरूरत होती है तो ही उन्हें रैफर किया जाता है:

ब्यावर के अमृत कौर चिकित्सालय में रिक्त पद से जुड़े मामले पर विधायक शंकर सिंह रावत ने सवाल किया. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि चिकित्सालय में किसी भी मरीज को चिकित्सकों की कमी पर रैफर नहीं किया जाता है. जरूरत होती है तो ही उन्हें रैफर किया जाता है. पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों को पदोन्नति समिति की अगली बैठक में विचार कर देखा जाएगा. विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि क्या अमृत कौर चिकित्सालय के लिए मशीन खरीद कर लगाने के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी. मंत्री ने कहा कि अभी चिकित्सालय में तमाम मशीन उपलब्ध है. बेहतर तरीके से उपचार किया जा रहा है. जो रैफरिंग की बात की है उसके लिए करना चाहूंगा कि 2022 में 6.30 लाख लोग ओपीडी आईपीडी हुए थे. उनमें से 3800 से ज्यादा रैफर किए गए. ब्यावर के नजदीक अजमेर है. सुपर स्पेशलिटी केस में अजमेर रैफर किया जाता है. विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि ब्यावर में कुछ डॉक्टर मरीजों को परेशान करते हैं उसके लिए हमने लिखा है.  मंत्री ने कहा कि कोई भी डॉक्टर लापरवाही करता है मरीज को परेशान करता है. तो उस संबंध में आप हमें लिखित में शिकायत दें.