नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लेते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने हरित प्रौद्योगिकियों के लिए महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के लिए एक लचीला मूल्य श्रृंखला बनाने के लिए 'राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन' को मंजूरी दी है, जिसका सात वर्षों में 34,300 करोड़ रुपये का परिव्यय है.
राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) 16,300 करोड़ रुपये के व्यय वाला एक मिशन है. मिशन का प्रारंभिक चरण छह साल का होगा. कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में कई फैसले लिए गए हैं. गन्ना प्रसंस्करण के विभिन्न चरणों में रासायनिक प्रक्रियाओं के उपयोग के संबंध में एक बड़ा निर्णय लिया गया है. हम सभी जानते हैं कि इथेनॉल उत्पादन से देश की अर्थव्यवस्था को काफी लाभ हुआ है.
यह किसानों के लिए फायदेमंद रहा है, विदेशी मुद्रा की बचत करता है और पर्यावरणीय स्थिरता का समर्थन करता है. अक्टूबर में समाप्त हुए पिछले इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) में, इथेनॉल ने 40,000 करोड़ रुपये के लाभ में योगदान दिया है.
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हम ग्रीन एनर्जी की दिशा में बढ़ रहे हैं. बैठक में नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन मंजूरी दी गई है. इथेनॉल का प्रयोग बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. हमें आयात की निर्भरता को कम करना है. 24 खनिजों की पहचान की गई है.
केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले
— First India News (@1stIndiaNews) January 29, 2025
ग्रीन एनर्जी की दिशा में बढ़ रहे हैं, किसानों को 40 हजार करोड़ का फायदा, नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन मंजूर...#FirstIndiaNews #Cabinet @mygovindia pic.twitter.com/Z7hqKtpWJw