नई दिल्ली: अमेरिका से भारतीय नागरिकों की वापसी का मामले पर राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाए. यह कोई नई बात नहीं है, ऐसा पहले से भी होता रहा है. साल 2009 में 747 अवैध प्रवासियों को भेजा गया. इसी तरह साल दर साल सैकड़ों लोगों को वापस भेजा गया. हर देश में में राष्ट्रीयता की जांच होती है.
अमेरिका द्वारा निर्वासन का आयोजन और क्रियान्वयन आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) प्राधिकरण द्वारा किया जाता है. ICE द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विमान द्वारा निर्वासन का SOP जो 2012 से प्रभावी है, संयम बरतने का प्रावधान करता है. हमें ICE द्वारा सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों को नहीं रोका जाता है. हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो.
साथ ही, सदन इस बात की सराहना करेगा कि हमारा ध्यान अवैध आव्रजन उद्योग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर होना चाहिए. निर्वासितों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, कानून प्रवर्तन एजेंसियां एजेंटों और ऐसी एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक, निवारक और अनुकरणीय कार्रवाई करेंगी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर का राज्यसभा में जवाब
— First India News (@1stIndiaNews) February 6, 2025
अमेरिका से भारतीयों की वापसी को लेकर दे रहे जवाब, 'अमानवीय हालात में फंसे थे अवैध प्रवासी, अवैध प्रवासियों को वापस लेना ही था...#FirstIndiaNews #RajyaSabha @DrSJaishankar pic.twitter.com/ravSugBBw3