VIDEO: प्रश्नकाल में लगा एक राज्य एक चुनाव से जुड़ा सवाल, विभागीय मंत्रियों ने अपने जवाब से संतुष्ट करने का किया प्रयास, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में एक राज्य, एक चुनाव के लिए समिति गठन से जुड़ा सवाल महत्वपूर्ण रहा. इसके साथ ही जिला स्तर पर पूछे गए सवालों का विभागीय मंत्रियों ने संतोषपूर्ण जवाब दिए. कुछ सवालों के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी विभागीय मंत्रियों पर सवाल दागे. प्रश्नकाल के दौरान किस तरह गूंजे जनता से जुड़े सवाल.

विधानसभा सभा में प्रश्नकाल के दौरान अब जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक बहस होती दिखाई दे रही है. तैयारी के साथ आए विभागीय मंत्री सवाल पूछने वाले विधायकों को अपने जवाब से संतुष्ट कर रहे हैं. आश्वस्त भी कर रहे हैं कि अगल कुछ गलत हुआ है तो सही करवाया जाएगा और जनता से जुड़ी हर मांग को पूरा करने का प्रयास रहेगा. हालाकि सवाल-जवाब के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जिम्मेदार मंत्री से भी सवाल किए और काम की टाइम लाइन तय करने को भी कहा. 

विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने प्रदेश में एक राज्य एक चुनाव के लिए समिति गठन से जुड़ा सवाल किया. मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सीमा परिसीमन का कार्य प्रक्रिया में है विधिक राय ली जा रही है प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के लिए एक जुलाई को समिति का गठन किया गया है समिति की रिपोर्ट के बाद आगे भी कार्रवाई होगी. विधायक के सवाल पर मंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति में जितने नगर निकाय है उनके चुनाव लगभग 8 चरणों में संपन्न. हुए बार-बार चुनाव चुनाव होने से बार-बार आचार संहिता लगानी पड़ती हैं और ऐसा होने से विकास कार्यों में बाधा आती है. इसलिए भारत सरकार के एक राज्य एक निर्वाचन कार्यक्रम के तहत यहां भी एक राज्य एक चुनाव योजना पर राज्य सरकार द्वारा काम चल रहा है. दिप्ती माहेश्वरी ने कहा कि क्या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की आवश्यकता रहेगी. मंत्री ने कहा कि नगर निकायों के चुनाव का दायित्व राजस्व विभाग का है अभी नगर निकायों के परिसीमन का काम चल रहा है यह कार्यक्रम पूरा होने के बाद पता चलेगा कि राज्य के नगर निकायों में कुल कितने वार्ड गठित होंगे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सबको चिंता हो रही है कि चुनाव कब होंगे. मंत्री ने कहा कि अभी हमारा पुर्न सीमांकन चल रहा है जब पूरा होगा तो मतदाता सूचियां का काम चलेगा और मतदाता सूचियां का काम पूरा होने के बाद राज्य सरकार का मानस है कि वर्ष 2025 में सभी नगर निकायों का एक साथ चुनाव चुनाव कर दिया जाए. लगभग लगभग नवंबर के आसपास चुनाव होंगे.

गंग कैनाल में आ रहे केमिकल युक्त पानी की रोकथाम के सवाल पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने जवाब दिया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम में 4 से 5 बार क्षेत्र का निरीक्षण किया और नमूने भी लिए. उस दौरान पुष्टि हुई कि दूषित पानी प्रवाहित किया जा रहा है. विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा कि केमिकल युक्त पानी से राजस्थान के जिलों में कैंसर की संभावना है और यह बीमारी तेजी से फैल रही है. इससे कब तक निजात मिलेगी. मंत्री सुरेश रावत ने जवाब दिया कि पंजाब नियंत्रण मंडल को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए लिखा गया है. हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है और वर्ष 2006 से 2014 के बीच पंजाब सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल बोर्ड को 66 पत्र लिखें गए. अब जल संग्रहण क्षेत्र में 57 एसपी लगाकर नियंत्रण मॉनिटरिंग की जा रही है. 

जनजाति छात्रावास में कार्यरत कार्मिकों के लिए पृथक कैडर के सवाल पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने कहा कि छात्रावासों में पहले कैडर नहीं था...उस दौरान शिक्षा विभाग से अध्यापक लेते थे और उन्हें वार्डन के तौर पर लगाया जाता था. इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के तहत जो राशि का प्रावधान किया गया था उसमें से एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ उसके क्या कारण है. कैडर बनाने की जो बात की जा रही है वह कब तक काम पूरा हो जाएगा. मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम का पैसा 10 हजार करोड़ है..यह पैसा आप केन्द्र से ले नहीं पाए इसलिए खर्च नहीं हो सका. केन्द्र सरकार से आता तो खर्च होता. आप कैडर का काम पूरा नहीं कर पाए हमने अब प्रक्रिया पूरी कर दी है और जल्दी तैयार हो जाएगा. जूली ने कहा कि पैसा खर्च नहीं हुआ तो इसमें जो दोषी है उन पर कार्रवाई करेंगे या नहीं. चाहे सरकार किसी की रही हो.

रावी व व्यास नदी से पानी लाने की योजना पर विधायक कालीचरण सराफ ने सवाल किया. जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने जवाब दिया कि पंजाब हरियाणा और राजस्थान के मध्य 1981 को समझौता हुआ था. लेकिन समझौते के अनुसार राजस्थान को पूरा पानी नहीं मिल रहा है. प्रदेश का शेष 0.60 MM पानी हासिल करने के लिए प्रयासरत है. अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन ने जल शक्ति मंत्रालय सचिव को भी पत्र लिखा है. कालीचरण ने कहा कि अभी डबल इंजन की सरकार है और सबसे अनुकूल समय है.

हमने हरियाणा से यमुना जल समझौता किया. मध्य प्रदेश से ERCP का समझौता किया. तो रावी व व्यास के लिए उच्च स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करें जो केवल राजस्थान के हिस्से का पानी दिलाने पर काम करें..मंत्री ने कहा कि ACS को नियुक्त करने का अच्छा विचार है इस पर विचार कर प्रयास किया जाएगा.
गंगापुर विधानसभा क्षेत्र में भू प्रबंधन पर विधायक रामकेश मीणा के सवाल पर मंत्री राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि जो छोटी मोटी अशुद्ध हुई है उसे दूर किया जाएगा. लगातार कार्रवाई की जाती है..यदि कोई गलती हुई है तो उसकी प्रक्रिया भी अपनानी पड़ेगी.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जनता से जुड़ा हुआ प्रश्न है तो जवाब पूरा मिलना चाहिए. यदि कोर्ट में हर व्यक्ति जाएगा तो लंबा प्रोसेस रहेगा और खर्चा भी ज्यादा आता है.

क्या सरकार अभियान चला कर त्रुटि दूर करना चाहती है.. मंत्री ने कहा कि पहले चरण में 11 जिलों का सर्वे चल रहा है और दूसरे चरण में 22 जिलों को शामिल किया गया है. अगले राजस्व अभियान में इन अशुद्धियों को दूर करने का बिंदु भी शामिल किया जाएगा.

खानपुर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल योजना वंचित गांव के सवाल पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने आश्वस्त किया कि जिन गांवों में पेयजल समस्या है, उसे दूर किया जाएगा. 

विधायक सुरेश गुर्जर ने कहा कि कई गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है लोग परेशान हो रहे हैं. क्या सरकार इसकी जांच कराएगी क्या इसके लिए कमेटी गठित करेगी जलदाय मंत्री ने माना कि  कुछ गांवों को जल जीवन मिशन से जोड़ने के बाद भी पानी नहीं आ रहा है प्रेशर की कमी है . मैं आश्वस्त करता हूं कि जहां-जहां पानी नहीं आ रहा वाहन मौके पर जाकर जांच की जाएगी और यह निश्चित किया जाएगा कि हर घर में प्रेशर से पानी आना चाहिए.

 

प्रश्नकाल के दौरान विभागीय मंत्रियों ने अपने जवाब में आश्वस्त किया कि जहां-जहां समस्या है, उसे दिखवाकर दूर किया जाएगा. जहां पेयजल या फ्लोराइड की समस्या है उसे दूर किया जाएगा. होमगार्ड को लेकर कहा कि दिखवाया जाएगा कि कौन कितने घंटे की ड्यूटी कर रहा है. कुल मिलाकर विभागीय मंत्रियों ने अपने जवाब में कार्यों की वर्तमान स्थिति का खुलासा किया साथ ही आश्वस्त किया कि कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.