राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत होंगे चुनाव, सभी निकायों के एक साथ नवंबर में होंगे चुनाव

जयपुरः प्रदेश के समस्त 305 निकायों के चुनाव इस वर्ष नवंबर में कराए जाएंगे. नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस बारे में राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी है. राज्य सरकार की ओर से बजट में वन स्टेट वन इलेक्शन को लागू करने की घोषणा की थी. इसे लागू करने के लिए नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों को लेकर विधिक मंथन भी किया गया. शहरी भूमि के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए जाने वाले नक्शा पायलट प्रोजेक्ट के मंगलवार को शुभारंभ मौके पर स्वायत्त शासन भवन में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मामले को लेकर पूरी जानकारी दी. इसको लेकर फर्स्ट इंडिया न्यूज की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से सरकार का विचार यही है कि इसी नवंबर में चुनाव कराए जाएं. जिन निकायों का कार्यकाल कुछ रहेगा बाकी, उसको लेकर विधिक राय ली गई है. इसके मुताबिक नगरपालिका अधिनियम व पंचायतीराज अधिनियम में छह महीने के ग्रेस पीरियड का प्रावधान है. निकायों का अधिकतम कार्यकाल अगले वर्ष फरवरी तक है. कानून के प्रावधानों के मुताबिक ही सभी निकायों के एक साथ चुनाव कराने का सरकार का विचार है.

जयपुर,कोटा व जोधपुर में दो की बजाए एक ही नगर निगम के गठन पर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुंबई जैसा शहर जिसकी आबादी जयपुर से करीब आठ-दस गुना और जोधपुर व कोटा से बीस  गुना अधिक है वहां केवल एक ही वृहद नगर पालिका है. ऐसे में इन शहरों में दो-दो नगर निगम का कोई औचित्य नहीं हैं. उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तब इन शहरों में दो निगम बनाने का फैसला राजनीतिक व व्यक्तिगत हित के कारण किया गया था. मौजूदा सरकार ने जनहित में एक ही निगम के गठन का फैसला किया है. इससे शहर वासियों को निकाय से अच्छी सेवाएं मिलेगी. साथ ही उत्तरदायित्व भी ही एक ही जगह होगा.

सभी निकायों के वार्डों के पुनर्गठन फैसलाः
सभी निकायों के चुनाव एक ही समय पर एक साथ कराने पर राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है. यही कारण है कि स्वायत्त शासन विभाग ने हाल ही सभी निकायों के वार्डों के पुनर्गठन फैसला किया है. वार्डों के पुनर्गठन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है. आपको बताते हैं कि इस कार्यक्रम के मुताबिक 15 मई तक किस तरह होगा वार्डों का पुनर्गठन और कब कितने निकायों का कार्यकाल खत्म  होगा 

-प्रदेश के समस्त निकायों में 15 मई तक होगा वार्डों का पुनर्गठन
-सभी 305 निकायों के लिए राज्य सरकार ने जारी किया है कार्यक्रम
-वार्डों के पुनर्गठन के प्रस्ताव तैयार करने व उनके प्रकाशन का काम शुरू हो चुका है
-यह काम 21 मार्च तक चलेगा
-21 मार्च से 10 अप्रेल तक  पुनर्गठन के प्रकाशित प्रस्तावों पर आपत्तियां आमंत्रित करने का काम होगा
-11 अप्रेल से 1 मई तक आपत्तियों पर टिप्पणी करते हुए भेजे जाएंगे प्रस्ताव
-निकायों की ओर से राज्य सरकार को भेजे जाएंगे प्रस्ताव
-2 मई से 15 मई तक राज्य सरकार की ओर से वार्डों के गठन के प्रस्तावों का अनुमोदन
-वार्डों के गठन के बाद मतदाता सूची तैयार करने का काम होगा
-मतदाता सूची के प्रकाशन व उसको फाइनल करने में जुलाई-अगस्त तक का समय लगने की उम्मीद है
-अब तक 305 में से 143 निकायों का कार्यकाल खत्म हो चुका है
-इस वर्ष सितंबर में 15 और अक्टूबर में 6 निकायों का कार्यकाल खत्म होगा
-इन छह निकायों में जयपुर,जोधपुर व कोटा के निकाय शामिल हैं
-इस दिसंबर में 50,जनवरी 2026 में 90 और फरवरी 2026 में 1 निकाय का कार्यकाल खत्म होगा
-नवंबर में सभी निकायों में चुनाव कराने पर 141 निकायों को कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग करना पड़ेगा