जयपुर: विधानसभा में वन में पर्यावरण विभाग से संबंधित दो महत्वपूर्ण मुद्दे उठे दोनों ही मुद्दों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे लेकिन पूरी तैयारी के साथ सदन में आए मंत्री संजय शर्मा ने साफ कर दिया कि किसी भी वस्तु को बक्सा नहीं जाएगा और दोनों ही मामलों में जांच कराई जाएगी.
सदन में पाली विधायक भीमराज भाटी ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को अधिकारियों को कर्मचारियों के खिलाफ प्राप्त हुई शिकायतों पर मुद्दा उठाया उन्होंने कहा कि 14 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत हुई थी इनमें से 10 पर प्रशासनिक कार्यवाही कर दी लेकिन चार सबसे अधिक भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. भीमराज भाटी ने नीरज माथुर और भुवनेश माथुर का नाम देते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की और साथ ही कहा कि शिकायतों के लिए एक रजिस्टर का संधारण भी किया जाए. मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी बोर्ड द्वारा जांच कराई जाएगी और शिकायतों को सूचीबद्ध कर रजिस्टर में लिखा जाएगा.
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा विधायक सुरेश गुर्जर ने उठाया और कहा कि झालावाड़ में पौधारोपण के नाम पर लापरवाही की गई है. उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे बचे ही नहीं और दीवार को भी तोड़ा जा रहा है. इस पर मंत्री ने कहा कि हम इस वर्ष तीन प्रकार की जांच एजेंसी के माध्यम से पौधों की जांच करवाएंगे .
इसी दौरान मंत्री संजय शर्मा की नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से भी नोक झोंक हुई दरअसल संजय शर्मा ने कहा था कि कांग्रेस सरकार के सभी घोटालों की जांच कराएंगे तो झूले ने कहा कि आप तो फिलहाल पौधारोपण की जांच कर लो ऐसे में संजय शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आप अपने कान के खोलो.
वैसे टीकाराम जुली और संजय शर्मा दोनों ही अलवर जिले से आते हैं और दोनों में ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी है और सदन में भी कई बार दोनों आमने-सामने हो चुके हैं.