जयपुरः विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई. इस दौरान चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में दर्ज साइबर प्रकरणों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया. विधायक चंद्रभान सिंह चौहान ने सवाल किया. विधायक ने साइबर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया. साइबर थानों में दो लाख से कम की ठगी का मामला दर्ज नहीं किया जाता है. इस पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ में 2.7 करोड़ के केस में रिकवरी हुई है. विधायक ने कहा कि 10,000 की ठगी हो तो भी साइबर थाने में FIR दर्ज होनी चाहिए. मंत्री ने जवाब दिया कि बहुत बड़े अमाउंट पर ही मामला क्यों दर्ज हो रहा इसकी जानकारी लूंगा.
साइबर थाने में 2 लाख की नहीं 3 लाख की लिमिट कर रखी है. 3 लाख से काम के केसों में एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो कड़ी कार्रवाई करेंगे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि 36 महीने में 36 ही मामले दर्ज हुए तो साइबर थाने का मतलब क्या. इस पर मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि साइबर थाना के विवाद मेवात एरिया में सबसे ज्यादा है. 52% साइबर केस एनसीआर में है. टीकाराम जूली ने कहा कि मामलों को लेकर टरकाया जा रहा है जूली ने सुझाव दिया कि-यदि कोई लिमिट लगी है तो उसे हटा देना चाहिए.
सड़कों की स्थिति दुर्भाग्यपूर्णः
बस्सी विधानसभा क्षेत्र में गारंटी अवधि की क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर विधायक लक्ष्मण ने सवाल किया. इस पर विधायक ने कहा कि क्षेत्र की सड़कों पर दो-दो फीट के गड्ढे हो चुके है. 111 सड़कें खराब है. बिना गारंटी की सड़कों की स्थिति तो बेहद खराब है. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जवाब देते हुए कहा कि बस्सी विधानसभा क्षेत्र में 111 सड़कें दोष निवारण अवधि में, विधायक किसी भी सड़क का मामला मुझे बताएं उसका पुन परीक्षण करवाया जाएगा. विधायक का आरोप, सभी सड़क टूटी हुई है किसका नाम बताएं? उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मानती हूं कि सड़कों की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है. यह सभी सड़क पिछली सरकार ने बनवाई थी.
गड्ढे मिले हैं सड़कें मिली ही नहींः
PWD विभाग के अधिकारी समय-समय पर गारंटी अवधि की सड़कों का फोटो लेकर एप पर लोड कर रहे है. जयपुर में डेशबोर्ड बना रखा है रिपेयरिंग बेहतर तरीके से हो रही है.
दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछली कांग्रेस सरकार में सड़कों की हालत बेहद खराब थी. हमें गड्ढे मिले हैं सड़कें मिली ही नहीं.