जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल के दौरान जनता के मुद्दों पर मंत्रियों ने आश्वस्त किया कि हमारी सरकार सभी को साथ लेकर चलने वाली सरकार है और जनता से जुड़े सभी काम होंगे. कई सवालों पर जिम्मेदार मंत्रियों ने कहा कि सरकार के पैसे का दुरुपयोग करने वाले और दोषी अधिकारियों को किसी स्तर पर नहीं बक्शा जाएगा. प्रश्नकाल के दौरान क्या मुद्दे रहे और मंत्रियों ने क्या जवाब दिया.
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए संचालित आरजीएचएस योजना को बंद करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. विधायक चंद्रभान सिंह चौहान के सवाल पर मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि आरजीएचएस योजनान्तर्गत पंजीकृत दवा विक्रेताओं द्वारा दवा न देने की शिकायत प्राप्त होने पर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. आरजीएचएस योजनान्तर्गत राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण अनुमोदित अस्पतालों में लाभार्थियों का लाईव फोटो अनिवार्य किया गया है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने जवाब दिया कि विधानसभा क्षेत्र मांडलगढ़ में कुल 24 आंगनबाड़ी केन्द्र ऐसे हैं, जो किराए के भवनों में संचालित हैं. इनमें से 4 केन्द्रों के लिए भूमि आवंटन किया जा चुका है और भवन निर्माण के लिए प्रक्रिया चालू है. शेष 20 केन्द्रों के लिए भूमि आवंटन के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के बाद बजट उपलब्धता एवं प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण का कार्रवाई की जाएगी. विधायक गोपाल लाल शर्मा के सवाल पर कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के नवीन भवनों का निर्माण नरेगा योजना के अन्तर्गत कन्वर्जेंस के माध्यम से करवाया जाता है. केन्द्र सरकार के मानदंडों के अनुसार एक भवन के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है. जिसमें से 2 लाख रुपये विभाग द्वारा, 8 लाख रुपये नरेगा कन्वर्जेन्स से तथा 2 लाख रुपये पंद्रहवें वित्त आयोग या जिला परिषद द्वारा अन्य किसी अनटाइड फण्ड से लिए जाते हैं. मांडलगढ़ के अन्तर्गत दो परियोजनाओं माण्डलगढ़ एवं कोटडी के अधीन कुल 373 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 372 केन्द्र वर्तमान में संचालित किये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि 254 आंगनबाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में संचालित हैं. इसी प्रकार किराए के भवनों में 24, विद्यालयों में 92 तथा अन्य भवनों में 2 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं.
विधायक डॉ. जसवंत सिंह के सवाल पर विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आश्वस्त किया कि बहरोड़ में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बहरोड जिला एवं सत्र न्यायालय खोले जाने के मानदण्ड पूरे करता है. यहां मुकदमों की संख्या भी पर्याप्त है और न्यायालय की स्थापना के लिए जमीन एवं भवन भी उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बहरोड़ में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय की समिति को प्रस्ताव भेजकर, समिति की स्वीकृति उपरांत वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा.
विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के सवाल पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वन भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्य सरकार वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है. वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर भूमि को सुरक्षित किया जा रहा है. मंत्री का कहना था कि छबड़ा के अल्लापुरा गांव में वन विभाग की भूमि पर अनाधिकृत कब्जे के सभी 9 प्रकरणों में कब्जाधारियों को नोटिस उपरांत पेनल्टी लगाकर सभी अतिक्रमियों को वन भूमि से बेदखल कर दिया गया है.
छबड़ा क्षेत्र के गांव जांचरोडा, अल्लापुर, कडैयाचोर तथा कादरपुरा में वन विभाग की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा है. उन्होंने अनाधिकृत कब्जाधारियों का विवरण सदन के पटल पर रखा. लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही करने के लिए 25 फरवरी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (वन बल प्रमुख) राजस्थान जयपुर के कार्यालय ने रेंज छबड़ा में वन भूमि के अतिक्रमण के क्रम में वन संरक्षक (मूल्यांकन एवं प्रबोधन) कार्यालय मुख्य वन संरक्षक, कोटा को प्रारंभिक जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी.
गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मध्य-प्रदेश व उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन राज्यों से आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है. परीक्षण के बाद प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा. विधायक कालीचरण सराफ के सवाल पर मंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा बीकानेर जिले के नापासर ग्राम में 5 करोड़ रुपए की लागत से गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की घोषणा की गई थी. इस गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये एवं एमओयू की सहभागी संस्था द्वारा भी 5 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया था. कुमावत ने बताया कि प्रदेश में कुल 1 करोड़ 39 लाख गौवंश हैं. निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं संधारण के लिए प्रदेश में 4 हजार 140 पंजीकृत गौशालाएं हैं. राज्य सरकार द्वारा इन पात्र गौशालाओं को गौवंश के भरण-पोषण के लिए बड़े गौवंश को 44 रुपये एवं छोटे गौवंश को 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है.
पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने नेचुरल एवं हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आभानेरी-दौसा को आइकोनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में संरक्षण व मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे.
प्रश्नकाल के दौरान हालाकि विपक्ष की भागीदारी नहीं थी. लेकिन मंत्रियों के जवाब से सवाल करने वाले विधायक संतुष्ट नजर आए. विभागीय मंत्रियों ने कई मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन तो दिया ही साथ ही सवाल लगाने वाले विधायक को भी आश्वस्त किया कि जनता से जुड़े कामों के जो प्रस्ताव सौंपे जाएंगे, उनको प्राथमिकता के आधार पर दिखा कर पूरा किया जाएगा.