जयपुर: प्रश्नकाल के साथ विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई. राजकीय महाविद्यालय इटावा मेरिट पद के मामले पर विधायक चेतन पटेल ने सवाल लगाया. विधायक चेतन पटेल के सवाल पर मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जवाब देते हुए कहा कि राजकीय महाविद्यालय इटावा में विज्ञान संकाय खोले जाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
सदस्य की चिंता वाजिब है इटावा महाविद्यालय में कर्मचारियों की कमी है. विद्या संभल से व्यवस्था कर दी जाएगी. RPSC से पद आ रहे हैं और जल्दी ही इटावा में रिक्त पद भर दिए जाएंगे.
विधायक चेतन पटेल ने कहा कि जो डेपुटेशन पर हमारी फैकल्टी दूसरी जगह लगती है. उसे वापस इसी महाविद्यालय में लगाने की कृपा करें.
मंत्री ने जवाब में कहा कि महाविद्यालय में जल्दी प्रोफेसर और सहआचार्य की व्यवस्था कर दी जाएगी.
सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजना को लेकर विधायक डूंगर राम गैदर ने सवाल करते हुए कहा कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2024 तक विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ में कितने काम हुए हैं. विभाग को कितने कार्यों की स्वीकृति मिली और कितने कार्य पूर्ण किए गए.
मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2024 तक जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृति नहीं निकली. जबकि दूसरी योजनाओं में 17 कार्यों की राशि जारी की गई. 61 योजनाओं का काम प्रगति पर है. 67 ग्राम पंचायत को जल जीवन मिशन के तहत लाभान्वित करना मुश्किल है.
विधायक ने कहा कि सूरतगढ़ की 30% आबादी को कैसे पेयजल से जोड़ा जाएगा.
मंत्री ने कहा कि लोकल सोर्स से इन ढाणियों को जोड़ने की व्यवस्था करेंगे.
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि हर घर का मतलब तो हर घर है.
इस पर मंत्री ने कहा कि आज 180000 का प्रति कनेक्शन खर्चा आ रहा है. संसाधन होंगे और आर्थिक रूप से राज्य मजबूत होगा तो सभी को जोड़ा जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान को और पैसे की आवश्यकता है.
उदयपुर विधानसभा क्षेत्र में निगम बसों के संचालक को लेकर विधायक ताराचंद जैन ने सवाल किया
मंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने जवाब देते हुए कहा कि संचालित बसों के अलावा अन्य बसों का संचालन करने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. क्षेत्र को राज्य लोक परिवहन सेवा की बसों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है.
विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि वाहन चालक और परिचालकों की भी कमी वह कब दूर होगी ?
मंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि वाहन चालक और परिचालकों के तहत ही बस हैं. लेकिन यह गलत है कि कमी चल रही है. जो भी रूट है ग्रामीण बस चलवानी है उन्हें लोक परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जवाब में दूरस्थ क्षेत्र के लिए कहा गया है. ऐसे में शहर से जुड़ेंगे या ग्रामीण क्षेत्रीय पंचायत से जोड़ा जाएगा.