पर्यटन विभाग का मानसून टूरिज्म प्लान, सोशल कैंपेन रोमांसिंग द रेन की शुरुआत, मानसून वंडर्स से पर्यटक होंगे रूबरू

जयपुरः दक्षिणी राजस्थान को प्रदेश में मानसून का एंट्री गेट माना जाता है. अब पर्यटन विभाग में दक्षिण राजस्थान के ही प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मानसून टूरिज्म की शुरुआत की है. इसके लिए मानसून टूरिज्म प्लान तैयार किया गया है. पर्यटन विभाग का मानसून प्लान ,बारिश के सीजन में देशी पर्यटकों को लुभाने की कोशिश ,जिन इलाको में होती है ज़्यादा बारिश ऐसे क्षेत्रों के टूरिस्ट स्पॉट खोजने में जुटा पर्यटन विभाग. खास तौर पर बासवाड़ा, झालावाड, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर समेत अन्य जिलों में अब देखने को मिल सकता है मानसून टूरिज्म. 

पर्यटन विभाग की और से अब मानसून सीजन में सोशल कैंपेन रोमांसिंग द रेन की शुरुआत की जा रही है. अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा ने बताया ,राजस्थान में मानसून टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ,बांसवाड़ा ,कोटा ,बूंदी , माउंट टाबू ,चित्तोड़गढ ,कुम्भलगढ़ ,झालावाड़ ,जैसी डेस्टिनेशनस को प्रमोट किया जाएगा ,यह डेस्टिनेशन राजस्थान के मानसून वंडर्स को दर्शाती है ,जिससे इनकी और पर्यटक आकर्षित होंगे ,और राजस्थान के मानसून को एक्स्प्लोर कर सकेंगे ,बताया अधिकारियो को निर्देशित भी किया गया है की पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाए ,जिससे पर्यटको  को टूरिस्ट  स्पॉट पर पहुंचने में कोई परेशानी ना हो.

मानसून के दौरान राज्य में आने वाले पर्यटकों को राजस्थान का  अलौकिक स्वरूप देखने को मिलेगा जिसे देख पर्यटक यह नहीं कहेंगे कि राजस्थान की पहचान सिर्फ रेगिस्तान है.विभाग की और से सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है ,अधिकारियो के अनुसार मानसून सीजन में पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखने को मिलेगा. 

पर्यटकों को आकर्षित करेगी यह डेस्टिनेशन्सः
बांसवाड़ा का माहि डैम ,त्रिपुरा सुंदरी मंदिर,रामकुण्ड, डायलाब झील, पराहेडा,जुआ झरने,
बूंदी का बूंदी पैलेस,रानीजी की बावड़ी ,मोती महल,  वाटरफॉल्स ,
माउंट टाबू का गुरूशिखर  नक्की लेक, सन सैट पाइंट 
 उदयपुर की पिछोला लेक ,फतेह सागर,सहेलियों की बाड़ी ,कुम्भलगढ़

पर्यटकों की आओ भगत के लिए प्रदेश के मानसून वंडर्स तैयार हैं  उम्मीद की जा रही है कि पर्यटन विभाग का मानसून प्लान सैलानियों को काफी पसंद आएगा.