जयपुर: विधानसभा में आज फिर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और सरकार के मंत्री व्यवस्था के मुद्दे पर आपने सामने हो गए. विपक्ष के सदस्य स्पीकर के पक्ष में खड़े हो गए, तो सदन में हंगामा हो गया. वही स्पीकर ने मंत्री व सत्ता पक्ष के विधायको को फटकार लगाते हुए कहा कि आप तो व्यवस्था को ही चुनोती दे रहे है. विधानसभा में लगातार दूसरा दिन है जब सत्ता पक्ष ही स्पीकर की व्यवस्था के खिलाफ हो गया.
विधानसभा में आसन्न की व्यवस्था को लगातार दूसरे दिन चुनोती दी गयी. कल संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आसन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने चुनौती दे दी दरअसल विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने यह व्यवस्था दी है कि कृष्ण कल में जिन प्रश्नों के जवाब लिखित में पहले ही विधायकों के पास आ जाते हैं उसे जवाब को मंत्री फिर से सदन में नहीं पड़ेगा बल्कि विधायक सिर्फ पूरक प्रश्न पूछेगा और मंत्री पूरक प्रश्न का ही जवाब देगा प्रश्न काल में जब आज भाजपा विधायक ललित मीणा के सवाल पर जवाब देने के लिए खाद्य मंत्री सुमित गोदारा खड़े हुए तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उन्हें केवल पूरक सवाल का जवाब देने के लिए कहा. इस पर मंत्री ने कहा कि विधायक लिखित जवाब भी सुनना चाहते हैं. स्पीकर ने व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि अब से नई व्यवस्था लागू हो गई है. केवल पूरक सवाल का ही जवाब देना है. उनके चाहने से नहीं होगा. मंत्री ने कहा कुछ जवाब तो दें, फिर तो सारा वैसे ही आ जाएगा. जवाब देने का मतलब ही नहीं रह जाएगा. सहरिया क्षेत्र से जुड़ा मामला है. इस पर स्पीकर में नाराजगी जताई और कहा कि आप व्यवस्था को ही चेलेंज कर रहे हैं उन्होंने कहा की व्यवस्था पर कोई प्रश्न नहीं होने दिया जाएगा.
आसन की व्यवस्था नहीं मानने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने आपत्ति दर्ज की. जूली ने कहा-जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दे दी तो उस पर जबरदस्ती नहीं कर सकते. नेता प्रतिपक्ष के टोकने पर हंगामा शुरू हो गया. इस पर मंत्री सुमित गोदारा और वन मंत्री संजय शर्मा भी जोर-जोर से बोलने लगे.
दर्शन मंत्री चाहते हैं कि वह लिखित जवाब को सदन में पड़े ताकि सभी विधायक उसको सुन सके और प्रदेश की जनता भी सरकार के जवाब को जान सके सत्ता पक्ष के विधायक भी इसी पक्ष में है लेकिन विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि जवाब रिपीट होने से सदन का समय खराब होता है.