राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित, सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए गूंजी आवाज

राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित, सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए गूंजी आवाज

जयपुर: राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हुई. आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए विधानसभा के दो विधायकों ने मंत्रियों को घेरने का काम किया.विधायक कालीचरण सराफ ने करतारपुरा नाले का डिमार्केशन कर पक्का करवाने हेतु और दोनों तरफ के मकान के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर सीवरेज लाइने डालने के संबंध में आवाज बुलंद की.विधायक यूनुस खान ने डीडवाना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्किल पर मूर्ति के लिए बने स्तंभ को तोड़ने का मामला उठाया. सराफ के प्रस्ताव का जवाब दिया UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने और यूनुस खान के सवाल का जवाब गृह राज्य मंत्री जवाहर बेढम ने दिया.

करतारपुरा नाले को पक्का कराने और डिमार्केशन का मसला जयपुर में गर्म है.नाले के समीप के मकानों को तोड़ने के आदेश ने सियासत को गरमा रखा है.मकान मालिकों के पक्ष में स्थानीय बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ उतर आए है उन्होंने विधानसभा में ध्यानाकृषण प्रस्ताव के जरिए आवाज बुलंद की.भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि नाले की चौड़ाई 30 मीटर करने से 500 मकान प्रभावित होंगे, जिससे लोग दहशत में हैं सराफ ने कहा कि लोकतंत्र में इतनी बड़ी संख्या में मकानों को तोड़ना उचित नहीं है और इसे किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा.

उन्होंने तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने नाले की चौड़ाई 30 मीटर करने के निर्देश नहीं दिए, बल्कि इसके दोनों ओर 10-10 मीटर सड़क बनाने का जिक्र किया है,उन्होंने सुझाव दिया कि इलाके में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाए, जिससे वहां रहने वाले लोगों को राहत मिले. उन्होंने बताया कि भाजपा शासन के दौरान अमृत योजना के तहत इस कार्य के लिए 21 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे और उन्होंने खुद इसका उद्घाटन किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह कहते हुए इसे रोक दिया कि जमीन उपलब्ध नहीं है, उन्होंने कहा कि 30 कॉलोनियों के लोग बदबू और गंदगी से परेशान हैं और इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है. UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब दिया. साल 2018 में हाईकोर्ट ने नाले को पक्का करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा कि अब तक जो हुआ, उस पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन इस संबंध में हाईकोर्ट से संशोधन का आग्रह किया जाएगा ताकि कम से कम लोगों को परेशानी हो, अगर अदालत अनुमति देती है, तो नई योजना बनाकर प्रभावितों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा.

डीडवाना के दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, यूनुस खान ने डीडवाना मे बांगड अस्पताल के पास दीनदयाल उपाध्याय सर्किल पर तोड़फोड़ का मुद्दा  विधानसभा में उठा,निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मामला उठाया.गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मूर्ति स्थल पर तोड़फोड़ की घटना करने वाले व्यक्ति रामकरण को अरेस्ट किया था, उसके परिजनो ने बताया कि उसकी दिमागी हालत ठीक नही है हालांकि उस स्थान का जीर्णोद्धार किया जा रहा है.मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए यूनुस खान ने कहा यहां 1990 से 2003 तक मूर्ति को तीन बार तोड़ा गया.अगर कोई घटना चार बार हो जाए, उसका विवरण कलेक्टर अपनी रिपोर्ट में नही दे, इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता,पंडित उपाध्याय सामान्य व्यक्ति नही थे, जनसंघ के अध्यक्ष रहे.

उन्होंने अंत्योदय की विचारधारा रखी, गरीब की बात की,सरकार इस घटना को इतने हलके में ले, यह ठीक नही है, युनूस खान ने कहा- इससे पहले भी हमने धरने प्रदर्शन किए, एक गिरोह है जो नही चाहता है कि उपाध्याय की मूर्ति लगे और उनकी विचारधारा फैले.इस पर गृह राज्य मंत्री बेढम ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का हर कोई सम्मान करता है, उनकी मूर्ति खंडित करने की घटना के किसी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलेगी. महापुरुषों की प्रतिमाओं के सम्बन्ध में ही स्पीकर वासुदेव देवनानी ने भी अपनी बात कही. स्पीकर ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करें, किसी महापुरुष की मूर्ति खंडित नहीं हो, कहा कि कोई भी महापुरुष हों, चाहे बीआर अंबेडकर हों, चाहे महाराणा प्रताप हों, पृथ्वीराज चौहान हो या चाचा नेहरू हों, किसी की भी  मूर्ति खंडित नहीं हो.स्पीकर ने पूर्व पीएम पंडित नेहरू के लिए चाचा नेहरू शब्द का इस्तेमाल किया.